शायरी

 "आज और अभी जिंदगी को

खुल के जिलो अपनो के साथ

क्या पता कल क्या हो,

शायद अपने भी पराये हो जाये

और साथ में मुस्कुराने वाला ही कोई न हो|"

                                             -अंकिता घुगे.



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