शायरी

 "दुआ करती हुॅं, कि ये नया साल

आप सबको बहोत अच्छा जाए,

तो क्यों ना इस नये साल के मौके पर पुराने 

गिले-शिकवे मिटाकर नयी यादें बनाईं जाए|"

                                       -अंकिता घुगे.



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