शायरी

 "खामोशी के पिछे भी बहुत कुछ छुपा होता है

बस उस खामोशी को समझने वाला कोई चाहिए,

और जो हमेशा शांत रहते है ना, असल में उन्हें ही बहुत कुछ कहना होता हैं

बस उन्हें सुनने वाला कोई चाहिए|"

                                        -अंकिता घुगे.




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