शायरी
"खून का तो नहीं, पर दिल का रिश्ता
जरूर होता है,
जहाँ रूठ़ना-मनाना, हॅंसना-हॅंसाना
सब चलता है,
जो अपनी Feelings को खुलकर बोलने
हिम्मत देता है,
जहाँ, जब भी मिलो तो महौल मस्ती
का होता है,
क्योंकि..., सब रिश्तों से बढ़कर
ये हसीन रिश्ता
जनाब दोस्ती का होता है
-अंकिता घुगे.
गे.|",र है, ,कीहै,ना,अंकिता घुगे.
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