शायरी

 "गम और परेशानियाॅं, ये सब 

किसकी जिंदगी में नहीं होते?

लेकिन इन सब वजह से 

लोग जीना तो नहीं छोड़ देते,

अगर कोई गमों के साथ भी

मुस्कुराना जानता है,

तो समझ लो कि, उसे जिंदगी जिने का

असली हुनर आता है,

लेकिन अगर कोई जिंदगी भर अपने गमों

को ही जकड़कर बैठ़ता है,

तो वह अपनी जिंदगी एक गुमनाम

तनहाई में खो देता है|"

                                    -अंकिता घुगे.


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मन काय असतं?

खरे दैवत- "आई"

शहर आणि गाव