शायरी
"कितनी अजीब है ना ये दुनिया भी,
अपनी मर्जी से जियो
तो लोग नाराज हो जाते हैं,
और लोगों के लिए जियो
तो लोग एहमिएत भूल जाते हैं,
अगर लोगों के बारे में ही सोचते रहोगे
तो एक दिन अकेले रह जाओगे,
और अगर अपने दिल की सुनोगे
तो शायद तुम जी पाओगे,
इसलिए मेरी मानो, तो
लोगों से मत डरो,
हमेशा अपने दिल की करो|"
-अंकिता घुगे.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें