शायरी
"जिंदगी में तुम जो चाहते हो, वो तुम्हे मिल सकता है
बस...कुछ करने की दिल में उमंग होनी चाहिए,
दुसरों से तुलना करके कोई फायदा नहीं
असली जंग तो खुद से होनी चाहिए;
और.. मैं इसके जैसे बन जाऊ, मैं उसके जैसे बन जाऊ
ए खयाली पुलाव पकाना छोड़ क्यों नहीं देते,
असली मजा तो खुद की अलग पहचान बनाने में ही आता है
तो खुद मेहनत करके, अपनी जिंदगी का रूख मोड़ क्यों नहीं देते|"
-अंकिता घुगे.
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