शायरी

 "गुलाब भले ही राजा हो फुलों का

लेकिन फिर भी काटों के बीच रहता है,

वैसे ही, हम कितने ही कामयाब क्यों न हो

आसपास कोई न कोई जलनें वाला तो जरूर होता है|"

                                      -अंकिता घुगे.




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