शायरी

 "कितना अजीब है ना अपना देश भी,

एक तरफ शराब की दुकाने खोलने के लिए

लोगों में जंग छिडी़ है,

और दुसरी तरफ "Corona" के नाम पर

आज भी बच्चों की "School, Collages"

बंद पडी़ है;

गलती शराब पिने वालों की नहीं है

कम से कम वो अपने शराब की तलब के लिए

लढ़ तो रहे हैं,

और हम "Students" आज भी "School

Collages" पर "Jocks" पढ़ रहे हैं;

अगर ऐसी ही सोच हमारी रही ना

तो देश को डूबने से कोई नहीं बचा सकता,

क्योंकि, हम "Students" ही देश का भविष्य हैं

और हमसे बेहतर इस देश को कोई नहीं सवार 

सकता|"

                                          -अंकिता घुगे.





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