शायरी

 "मोहब्बत का नाम सुनकर

हमें हमेशा हमारी माॅं ही याद आयेगी,

और बाद में मोहब्बत चाहे किसी से भी हो

लेकिन हमारी पहली मोहब्बत तो

हमारी माॅं ही रहेगी|" 

                                   -अंकिता घुगे.



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