शायरी

 "अभी बहोत कुछ करना है जिन्दगी में

सपने बदलने हैं हकीकत में,

तो इतनी जल्दी हार कैसे मान जाऊॅं

भले ही शुरुवात अच्छी न हुई हो, लेकिन क्या पता सब सही हो जाए अंत में|"

                                      -अंकिता घुगे.

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