शायरी

 "जिसके पास कुछ न हो, उसे बेसहारा समझकर,

जिसके पास सबकुछ है, उस पर जलती है;

जी जनाब.....ये दुनिया है और

दुनिया..कुछ ऐसी ही चलती है..!"

                                        -अंकिता घुगे.

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