शायरी

 "हॅंसना" कुदरत की वो देन है

जो सिर्फ इंसानों को ही मिली है,

लेकिन फिर भी कुछ लोग हॅंसने में इतनी कंजुसी करते हैं

मानो जैसे, दुनिया भर के गमों की पोटली सिर्फ उन्हें ही मिली है

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